Replying to @IPSinghSpथोड़ा तो तुझे भी लज्जा आती मूर्ख , जिस व्यक्ति के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था उसने तनिक भी वक्त जाया ना करते हुए दुखों का पहाड़ लिए राष्ट्र की सेवा में हाज़िर हुआ ये सिर्फ़ उन्हीं का सपना नहीं उनकी माता जी कि आख़िरी इच्छा थी , गीता ने ख़ुद कर्म को सर्वोपरि बताया है , कुछ तो शर्म आती