जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर
सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है
खतम हो गई कहानी, बस कुछ अलफाज बाकी हैं
एक अधूरे इश्क की एक मुकम्मल सी याद बाकी है
मैं पहले भी छोटे जिलों के पक्ष में था और आज भी हु क्योंकि अपने घर से जिला की दूरी 100 200 किलोमीटर है उनका दर्द मैने अपनी आंखों से देखा है जय जय राजस्थान