बच्चा जब 2 साल को हो जाता है ज्यादातर मां ब्रेस्टफीडिंग की आदत छुड़वाने की कोशिश में लग जाती हैं। अगर बहुत सरल तरीके से इस प्रोसेस से गुजरना चाहती हैं तो 2 दिन में ब्रेस्टफीडिंग छुड़ा चुकी महिला की टिप्स आपके काम आएंगी।

Relationship Tips: अपने बेटे के लिए जीवनसाथी ढूंढ रहे हैं तो सिर्फ शक्ल-सूरत या स्टेटस देखकर शादी ना करें, बल्कि होने वाली बहू में ये क्वालिटीज भी जरूर देखें। उनकी आने वाली जिंदगी खुशहाल रहेगी।

Chanakya Niti For Parents: बच्चों की परवरिश सिर्फ अच्छी पढ़ाई या सुविधाएं देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि सही आदतें और जीवन की सीख देना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में आचार्य चाणक्य की ये 5 बातें आपको अपने बच्चे की जरूर बतानी चाहिए।

बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां हो चुकी हैं और ये समय उनके खेलने-कूदने का है लेकिन कई पेरेंट्स को उनके समर वेकेशन होमवर्क की चिंता बनी रहती है। अगर आप भी बच्चे का होमवर्क जल्दी पूरा कराना चाहती हैं, तो कुछ स्मार्ट तरीके अपनाकर देख लें।
फीडिंग के बाद बेबी को बर्प कराना बहुत जरूरी है। सही तरीके से बर्प कराने से गैस, पेट भारी लगना और बेचैनी जैसी परेशानियां कम करने में मदद मिल सकती है। गायनेकोलॉजिस्ट ने बच्चे को डकार दिलाने के 4 तरीके बताए हैं।
बेटी के लिए वर ढूंढते समय सिर्फ लड़के की सैलरी या परिवार देखना काफी नहीं होता। माँ बाप को इन 7 चीजों का ध्यान विशेष रूप से रखना चाहिए ताकि बेटी की आगे की जिंदगी खुशहाल रहे।
हिन्दू धर्म में मलमास के खास दिनों को भगवान विष्णु को समर्पित किया जाता है। इन दिनों में भगवान विष्णु की ही पूजा की जाती है और ऐसे में अगर आपके घर बेटे का जन्म हुआ है, तो उसे प्यारा सा नाम दें। भगवान विष्णु से प्रेरित 100 नामों की लिस्ट हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं।
Parenting Tips: बच्चे अक्सर पढ़ाई करने से मुंह चुराते हैं। ऐसा नहीं कि वो पढ़ना नहीं चाहते, उन्हें पढ़ाई बोझ महसूस होती है इसलिए नहीं पढ़ते। ऐसे में ये 5 तरीके उनके लिए पढ़ाई को मजेदार बनाने का काम करेंगे।
फोड़े त्वचा पर होने वाली एक दर्दनाक, लाल और उभरी हुई गांठ होती है, जिसके अंदर मवाद भरा होता है। यह खासतौर से एक तरह का स्किन इंफेक्शन है। अगर बच्चों में ये समस्या दिखे तो इसे नजरअंदाज ना करें। जानिए, क्या कहते हैं डॉक्टर-
Parenting Tips: बच्चे की कम्युनिकेशन स्किल्स काफी मायने रखती हैं। कई बार बच्चे घर में ही या दूसरों से तमीज से बात नहीं करते, ऐसे में उन्हें डांटकर नहीं बल्कि इस तरीके से समझाने की जरूरत होती है।