चुनाव परिणाम समाचार

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बजट में इन चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान, आम आदमी को होगा बड़ा फायदा

स्टॉक मार्केट के निवेशक से नौकरीपेशा लोगों तक...बजट में किसे झटका, किसको राहत

मेगा टेक्सटाइल पार्क, इंटीग्रेटेड प्रोग्राम...बजट के ऐलान से खूब उछले ये शेयर

केंद्रीय बजट से निर्वाचन आयोग की बल्ले-बल्ले, 25.33 फीसदी बढ़ा आवंटन

बांग्लादेश पर बरसा पैसा! तनातनी के बीच हुआ बजट में हुआ बड़ा ऐलान

बजट के दिन बाजार धड़ाम, फिर भी चमका टाटा का यह शेयर, 4100 रुपये के पार दाम

बजट भाषण से शशि थरूर भी हो गए निराश, बोले- बड़ी उम्मीद थी; केरल को कुछ नहीं मिला

गिरावट की आंधी में भी रॉकेट बना यह पेनी स्टॉक, 3 रुपये से कम का शेयर 20% उछला

भारत में सस्ते होंगे स्मार्टफोन, बजट 2026 के इन 4 बड़े कदमों ने हिलाया मार्केट

बजट का सबसे ज्यादा हिस्सा कहां लगाएगी सरकार, हेल्थ-एजुकेशन पर कितना?

अब तक का सबसे बड़ा डिफेंस बजट,वित्त मंत्री ने खोला खजाना;धड़ाधड़ बनेंगी मिसाइलें

क्या है रेयर अर्थ कॉरिडोर, 4 राज्यों को ही क्यों चुना? चीन को लगेगा बड़ा झटका

सरकार का मास्टरस्ट्रोक! स्मार्टफोन, TV, फ्रिज और AC सब हो सकते हैं सस्ते

बायबैक पर टैक्स, STT का झटका, बजट 2026 में क्या-क्या हुए ऐलान

बजट 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा, यहां चेक करें पूरी लिस्ट

सड़क-रेल-मेट्रो के लिए रिकॉर्ड फंडिंग का ऐलान, ₹12.20 लाख करोड़ हुआ कैपेक्स

Union Budget 2026: बायोफार्मा का हब बनेगा भारत, 10 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान

बजट में 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान, दिल्ली-वाराणसी भी शामिल

Budget 2026: निर्मला सीतारमण ने की इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा

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किसान

नारियल, काजू, कोको, अखरोट और चंदन जैसी हाई वैल्यू फसलों को सपोर्ट करेगी सरकार।भारतीय काजू और कोको को साल 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड्स बनाने की तैयारी।नारियल की खेती करने वाले किसानों के लिए 'नारियल प्रोत्साहन योजना' की घोषणा। इस योजना का लक्ष्य पैदावार बढ़ाना है।
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महिला

लखपति दीदी प्रोग्राम का दायरा बढ़ाया। क्रेडिट-लिंक्ड लाइव्लीहुड के जरिए महिलाओं को एंटरप्राइज ओनर्स बनाने में मदद की जाएगी।इस प्रोग्राम का मकसद स्वयं सहायता ग्रुप से जुड़ी महिलाओं की सालाना आमदनी बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।लखपति दीदी प्रोग्राम के तहत अब महिलाओं को सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि उनके प्रॉडक्ट्स बेचने के लिए और अधिक रिटेल आउटलेट भी खोले जाएंगे।
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इंडस्ट्री

10,000 करोड़ रुपये के डेडिकेटेड SME ग्रोथ फंड की घोषणा। रोजगार बढ़ाने और इनसेंटिव देने पर फोकस।केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में बनेंगे डेडिकेटेड रेयर अर्थ कोरिडोर। डेडिकेटेड रेयर अर्थ कोरिडोर्स की घोषणा। खादी और हैंडीक्रॉफ्ट्स के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज के लॉन्च की घोषणा।
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नौकरीपेशा

इनकम टैक्स 2025 एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। नए नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म जल्द नोटिफाई किए जाएंगे।मामूली फीस देकर रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव।वित्त मंत्री ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजा को टैक्स से छूट देने के प्रस्ताव की घोषणा की।
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बजट क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा

आम बजट में वित्त मंत्री ने कई घोषणाएं की हैं। इससे कुछ तमाम चीजें सस्ती हो गई हैं तो कुछ चीजों की महंगाई बढ़ जाएगी। देखें पूरी डिटेल...

बजट 2026

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी 2026 को आम बजट 2026-27 पेश कर दिया है। 'युवा शक्ति' से प्रेरित बजट में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री ने सात रणनीतिक सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव किया है। कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। सेमीकंडक्टर्स से लेकर बायोफार्मा, टेक्सटाइल, MSME और अर्बन इकनॉमिक क्लस्टर्स पर सरकार का फोकस होगा। बजट 2026 में महिलाओं और किसानों के लिए भी कई घोषणाएं की गई हैं। लखपति दीदी प्रोग्राम का दायरा बढ़ाया गया है। साथ ही, किसानों की आमदनी बढ़ाने पर सरकार का जोर होगा। बजट 2026 में नौकरीपेशा वर्ग का भी ध्यान रखा गया है। SMEs की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए 10000 करोड़ रुपये के डेडिकेटेड फंड की घोषणा की गई है।
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इनकम टैक्स में 7 बड़े बदलाव: आज से बदल गया टैक्स का पूरा गणित

बजट में मिली बंपर सौगात: इन 5 डिफेंस स्टॉक्स में तूफानी तेजी के आसारUS-INDIA ट्रेड डील पर निर्मला सीतारमण ने क्या कहा? बजट पर क्या है उनका नजरियासोने-चांदी के दाम में भूचाल, अब वित्त मंत्री निर्मला बोलीं- निवेशकों को भरोसा…बजट में म्यूचुअल फंड, डिविडेंड समेत के बदल गए नियम, निवेशकों को झटकाअब इस सरकारी निवेश स्कीम पर भी टैक्स, बजट में हुआ है ऐलान
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वित्त मंत्री से क्या उम्मीद कर रहा मिडिल क्लास, क्या लोकलुभावन होगा बजट
वित्त मंत्री से क्या उम्मीद कर रहा मिडिल क्लास, क्या लोकलुभावन होगा बजट

Budget 2026: लोग बजट में मध्यम वर्ग को राहत, टैक्स में छूट, महिलाओं, किसानों और उद्यमियों के लिए खास योजनाएं चाहते हैं। साथ ही वे चाहते हैं कि बजट आम आदमी की जिंदगी पर सीधा असर डाले। यह जानकारी मिंट के सर्वे में सामने आई है।

  • हर साल क्यों पेश होता है बजट?

    देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले वित्त वर्ष के लिए आम बजट एक फरवरी को पेश करेंगी। बतौर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह नौवां बजट होगा। हर साल संसद में पेश किया जाने वाला आम बजट देश की सरकार का वार्षिक वित्तीय प्लान होता है। इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत तैयार किया जाता है। इसमें आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित आय और प्रस्तावित खर्च का पूरा ब्यौरा होता है। राजस्व विभाग कर और शुल्क जैसे आय के स्रोतों को संभालता है जबकि व्यय विभाग यह तय करता है कि फंड कहां और कैसे खर्च किया जाएगा। यह बजट सरकार के लिए एक वित्तीय रोडमैप की तरह काम करता है।

  • कैसे तैयार किया जाता है बजट?

    वैसे तो एक फरवरी को भारत का केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी लेकिन इस दस्तावेज को तैयार करने में कई लोग लगते हैं। बजट को वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आर्थिक कार्य विभाग के बजट डिवीजन द्वारा तैयार किया जाता है। यह प्रक्रिया पूरे वर्ष चलती रहती है, जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों से सुझाव और अनुमान मांगे जाते हैं। वहीं, अलग-अलग यूनियन या हितधारकों की मांग पर भी विचार किया जाता है। बजट डिवीजन इन सभी आंकड़ों का विश्लेषण कर सरकार की आय, खर्च, घाटा और प्राथमिकताओं का आकलन करता है। इसमें टैक्स कलेक्शन, सब्सिडी, डिफेंस, एजुकेशन, हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के लिए आवंटन तय किए जाते हैं। इसकी समय-समय पर वित्त मंत्री द्वारा समीक्षा भी की जाती है। वहीं, प्रधानमंत्री को भी अपडेट दिया जाता है।

  • बजट की छपाई कहां होती है?

    केंद्रीय बजट पेश होने से पहले इसकी तैयारी एक बेहद गोपनीय और व्यवस्थित प्रक्रिया से गुजरती है। बजट की छपाई नॉर्थ ब्लॉक के भीतर स्थित सरकारी प्रेस में की जाती है, जहां सीमित अधिकारी और कर्मचारी कई दिनों तक रहते हैं ताकि किसी भी तरह की जानकारी बाहर न जा सके। इस प्रक्रिया की शुरुआत पारंपरिक हलवा सेरेमनी से होती है, जिसे बजट निर्माण के अंतिम चरण का प्रतीक माना जाता है। बजट दस्तावेज की सामग्री, आंकड़े और नीतिगत प्रस्ताव पूरी तरह गोपनीय रहते हैं और संसद में पेश किए जाने से पहले तक किसी को इसकी भनक नहीं लगती। संसद में जिस मेज पर वित्त मंत्री बजट भाषण देती हैं, वह संसद सचिवालय और संबंधित तकनीकी स्टाफ द्वारा पहले से तय मानकों के अनुसार तैयार की जाती है, ताकि सभी दस्तावेज, टैबलेट या फाइलें आसानी से रखी जा सकें। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि बजट पेश करते समय किसी भी तरह की तकनीकी या व्यवस्थागत कमी न रहे।

  • आजादी के बाद भारत में कितने बजट पेश हुए?

    भारत की आजादी के बाद से वार्षिक के अलावा अंतरिम और मिनी बजट भी पेश किए जा चुके हैं। वर्ष 1947 से अब तक भारत में 73 वार्षिक बजट प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके अलावा 14 अंतरिम बजट भी पेश हुए, जो आमतौर पर चुनाव से पहले नई सरकार के गठन तक के लिए होते हैं। इसके साथ ही 4 विशेष या मिनी बजट भी पेश किए गए हैं, जो आपातकालीन या विशेष आर्थिक परिस्थितियों में लाए गए। हर बजट अपने समय की आर्थिक स्थिति, राजनीतिक सोच और सामाजिक जरूरतों को दर्शाता है। इन बजटों के माध्यम से देश की विकास यात्रा और नीतिगत बदलावों को समझा जा सकता है।

  • 1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है बजट?

    साल 2017 से देश का आम बजट हर साल एक फरवरी को पेश किया जाता है। इसका मकसद ये होता है कि सरकार को नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से पहले नीतियों और योजनाओं को लागू करने के लिए पूरा समय मिल सके। इससे संसद में बजट पर चर्चा, विभागों को फंड आवंटन और राज्यों तक राशि पहुंचाने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है। इससे सरकारी योजनाएं, विकास कार्य और कल्याणकारी कार्यक्रम वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही सुचारु रूप से लागू हो पाते हैं। बता दें कि पहले बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था।