
सिद्धि, कृपा और पूर्णता की अधिष्ठात्री।

शेयर करेंजय अम्बे सिद्धिदात्री माता।
जय अम्बे सिद्धिदात्री माता॥
जय जगदम्बे माता, जय जगदम्बे माता॥
सिंह वाहन अति सुखदायिनी।
सिंह वाहन अति सुखदायिनी॥
महिमा अति अपार, जय अम्बे सिद्धिदात्री माता॥
चतुर्भुजा त्रिशूल विराजे।
चतुर्भुजा त्रिशूल विराजे॥
वरद हस्त कमल, जय अम्बे सिद्धिदात्री माता॥
कमल आसन शोभा पावें।
कमल आसन शोभा पावें॥
वरद हस्त कमल, जय अम्बे सिद्धिदात्री माता॥
सिद्धियाँ सब तू ही प्रदान करे।
सिद्धियाँ सब तू ही प्रदान करे॥
भव भव भय हारी, जय अम्बे सिद्धिदात्री माता॥
भक्तों के दुःख दूर करती।
भक्तों के दुःख दूर करती॥
भव भव भय हारी, जय अम्बे सिद्धिदात्री माता॥
















चैत्र नवरात्रि 2026 हिंदू नववर्ष की शुरुआत के साथ मनाई जाएगी और यह माता दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पावन पर्व है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत मार्च 2026 में होगी (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से), और समापन राम नवमी 2026 के दिन होगा। भक्त इस दौरान घटस्थापना मुहूर्त, कलश स्थापना विधि, चैत्र नवरात्रि व्रत नियम, और दुर्गा पूजा विधि जानने के लिए विशेष रूप से खोज करते हैं। पहले दिन शुभ घटस्थापना मुहूर्त 2026 में कलश स्थापित कर माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नौ दिनों तक माँ दुर्गा के नौ स्वरूप—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—की विधि-विधान से पूजा होती है। भक्त नवरात्रि व्रत कथा, चैत्र नवरात्रि पूजा सामग्री सूची, और नवरात्रि मंत्र भी खोजते हैं ताकि पूजा सही तरीके से कर सकें। चैत्र नवरात्रि को वसंत नवरात्रि भी कहा जाता है। इस दौरान घरों में जौ बोने की परंपरा है, जिसे शुभ माना जाता है। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन विधि का विशेष महत्व है। अगर आप Chaitra Navratri 2026 date in India, Navratri 2026 kab se hai, या Chaitra Navratri 2026 kalash sthapana time जैसी जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो यह पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा और नए आरंभ का प्रतीक है। माता रानी की कृपा से यह नवरात्रि आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। 🙏
