Monthly Archives: March 2020

गाँव रोटी सपने ज़िन्दगी

कदम चले थे कभी रोटी के लिए, हाँ , मुझे तो बस वही चाहिए थी , और हाँ , बेटी के लिए एक स्कूल | स्कूल था गाँव में , रोटी नहीं थी, टीचर भी नहीं था, सपने ? सपने … Continue reading

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